एडिनबर्ग मे यायावरी

June 17, 2008

आई हमर एडिनबर्ग शहर मे तेसर दिन थीक. जी,अन्ग्रेज लोक एहि शहर केँ एडिनबरा कहैत छैक मुदा हम एहि शहर केँ अपन सुविधानुसार एडिनबर्ग कहब. यूनाइटेड किन्गडम मुख्यतः तीन टा राज्य सँ मिलि केँ बनल अछि- इँग्लैण्ड, स्काटलैण्ड आ आयरलैण्ड. स्काटलैण्ड एहि तीनो टा राज्य मे सबसँ पूरान आ एतुका लोक’क हिसाब सँ कला सँस्कृति के दृष्टि सँ सबसँ बेसी समृद्ध. Kolaka or mumbai? oh no it's edinburgh

आगमन:

हम परसू यानी जून १६, २००८ के दिन मे १२ बजे एडिनबर्ग पहुँचलहुँ. एहि सँ पहिने अमेरिका के किछु शहर घुमने छलहुँ आ मोन मे छल जे एडिनबर्ग सेहो कोनो विकसित देश’क कोनो पैघ शहर सन होयत. मुदा एयरपोर्ट सँ टैक्सी सँ जहिना शहर मे प्रवेश कायल, लागैत छल जे हम राति ३ बजे (जखन भीड़ कम रहैत छैक आ रिक्शा, ठेला, रेहड़ी वाला नदारद होइत छैक)मुम्बई के विक्टोरिया टर्मिनल सँ गेटवे आफ ईन्डिया जा रहल छी. ओएह आवो हवा, ओएह गली. ओएह फूटपाथ. टैक्सी आगू बढ़ल तऽ लागय लागल जे कलकत्ता के कालेज स्ट्रीट पहुँचि गेल छी. ओएह पूरान बिल्डिन्ग काई लागल जगह जगह हरियर-कारी दीवार, कम चाकर सड़क, ओहि पर चलैत लोक. जतय अमेरिका के सड़क पर लोक नहि केवल मोटर गाड़ी दौड़ैत छैक ओतय सँ भिन्न एतय देखलहुँ जे लोक सब ओहिना चलि रहल अछि जेना इण्डिया मे, मोन खुश भऽ गेल. 

हम अपन रुकबाक व्यव्स्था यूनिवर्सिटी आफ एडिनबर्ग के गेस्ट हाउस मे करबा नेने छलहुँ, आ गेस्ट हाउस परिसर मे घुसिते लागय लागल जेना इलाहाबाद विश्वविद्यालय मे घुसि गेल छी. ओहिना छात्र लोकनिक हलचल. हमर कमरा छोट छल बाद मे बुझि मे आयल जे ई सब कमरा अतिथि छात्र लोकनिक लेल अछि. एकटा बात आओर एतय सेहो छात्रावास केँ “हाल आफ रेजिडेन्स कहल जाएत छैक, जेना आई आई टी मे कहल जाएत छैक. अचानक याद आबि गेल अपन पापा जी गप्प जखन हमर एडमिशन के कागज भेटल छलन्हि आ ओहि मे लिखल छल जे रहबाक लेल एकटा हाल आफ रेजिडेन्स मे भेटत. पापाजी फेर मे पड़ि गेल छलाह जे कोनो हाल मे किओ कोना रहत. बिल्कूल इलहाबाद विश्वविद्यालय सन देखऽ मे लागय वाला एहि विश्वविद्यालय मे बहुत देर तक घुमैत रहलहुँ. फेर घर पर अपन पत्नी आ माँ आ पापा केँ बारी बारी सँ फोन केलहुँ. फेर इन्टरनेट कीनि सर्फ करय लागलहुँ. एतय एकटा अन्तर देखलहुँ जतय इन्डिया मे २५० रुपैया मे १ महीना’क इन्टरनेट भऽ जाइत छैक मुदा एतय एक घँटा के तीन पाउण्ड पैसा लागि गेल मतलब २५२ टाका मे एक दिन’क इन्टरनेट. ओना खर्चा तऽ हमर कम्पनी’क भऽ रहल छल मुदा भारत के कन्ज्यूमर ताकत के एहसास अपने भऽ गेल जतय २० पैसा मे एकटा लोकल काल आसानी सँ भऽ जाइत छैक आ जतय ३०० टाका मे जिन्दगी भरि’क लेल फोन कनेक्शन भऽ जाइत छैक.
Allahabad University?आबिते देरी पेट मे जोर सँ भूख लागल छल. गेस्ट हाउस परिसर मे जा केँ किछु ब्रेड वगैरह किनलहुँ आ पत्नी’क देल चूड़ा-चिनियाँबादम’क भूजा सँ खाना खेलहुँ. काफी मशीन मे कफी बना खाना सम्पन्न केलहुँ. कुन्दन जी सँ गप्प होइत छल ओ आलू-चना के तरकारी बनेने छलाह आ रोटी सँग खा के हमरा सँ चैट करैत छलाह. मुँह मे पानि आबि गेल. मुदा कायल किछो नहि जा सकैत छल. यायावरी इएह टा दू:खदायी क्षण होइत छैक. अक्सर हम अपन पत्नी के कहैत रहैत छिअन्हि, “जिन्दगी मे आदमी के दोएटा चीज’क जरूरत अछि- एकटा इन्टरनेट दोसर दालि-भात-तरकारी. इन्टरनेट ते कीनि नेने छलहुँ मुदा दालि भात तरकारी’क कोनो जोगाड़ देखबा मे नहि आबि रहल छल. जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपी गरीयशी कहय वाला व्यक्ति बहुत बुद्धिमान छलाह. जननी तऽ जन्म दैति छथि मुदा जन्म भूमि मे दालि-भात-तरकारी भेटैत छैक तेँ स्वर्गादपी गरीयशी. यदि जन्मभूमि मे दालि भात तरकारी भेटनाई बँद भऽ जैक ते एहि श्लोक सँ गरीयशी कहिया उठा लेल गेल होयत (एहेन हमर कहनाई अछि).

राष्ट्रीय सँग्रहालय मे स्वागत:

जखन मैट्रिक मे पढ़ैत छलहुँ ते गाम’क किछु लोक पुछैत छलाह, सँस्कृति ककरा कहल जाइत छैक. बहुत दिन बात पापाजी बुझने छलाह जे खान पान, रहन सहन, पर्व त्योहार सबसँ मिलि केँ सँस्कृति बनैत छैक. हम एडिनबर्ग एकटा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन मे आयल छलहुँ. सम्मेलन के आयोजककर्ता के दिसि सँ एकटा स्वागत भोज देल गेल छल. ई स्वागत भोज एडिनबर्ग के राष्ट्रीय म्यूजियम मे छल. पहिने सूनि के अजीब सन लागल. जे म्यूजियम मे कोन तरहक भोज सम्भव छैक. मुदा बाद मे किओ कहलक जे म्यूजियम मे पूरातन वस्तू के देखैत खाना खायल जेतैक. पहिने सँ मोन बनेने छलहुँ जे भोज मे जमि के खायब नहि जानि ओकर बाद कोनो नीक जगह भेटत वा नहि.

समय’क हिसाब सँ स्थानीय समय’क हिसाब सँ ठीक साढ़े छओ बाज साँझ के एकटा अमेरिकन प्रोफेसर के सँग म्यूजियम पहुँचि गेलहुँ. गेट पर दू-तीन मिनट बाट ताकय पड़ल होयत. ओकर बाद हठाते एकटा आदमी बिल्कूल बहुरूपिया’क पोशाक मे गेट पर आबय लागल. बाद मे बुझि मे आयल जे ओ स्काटलैण्ड राज्यक सैकड़ोँ साल पुरान पारम्परिक पोशाक छल. हुनका हाथ मे एकटा अजीब सन बाद्ययँत्र छल. ओ ओहि वाद्ययँत्र सँ बहुत बढ़ियाँ धून निकालय लागल. स्थानीय लोक बुझेलक जे प्राचीन स्काटलैण्ड मे राजा’क इएह पोशाक पहिरि केँ एहि प्रकारक धून सँ स्वागत काएल जाएत छल. लगभग तीन सय लोक एहि अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन मे भाग नेने छलाह. हुनका लोकनिक स्वागत एहि राजसी सँगीत सँ भेल से जानि मोन गदगद भऽ गेल.  कतओ पढ़ने छलहुँ जे यदि कोनो स्थान केर सँस्कृतिक परीक्षा लेबाक होमय तऽ ओतुआ अतिथि सत्कार देखबाक चाही. अतिथि देव भव. स्काटलैन्ड सेहो एहि बात मे विश्वास करैत छैक. स्काट्लैन्डक सँस्कृति ओहि मामला मे एक सौ प्रतिशत स्मृद्ध बुझना गेल. ओहि पारम्परिक परिधान सँ सुसज्जित केवल एकटा कलाकार सँ मँत्रमूग्ध करए वाला सँगीत सँ स्वागत करय वाला स्काट्लैन्ड’क सँस्कृति बहुत महान अछि. नीचा मे देल गेल हमरे द्वारा लेल गेल वीडियो देखल जाए. कैमरा केँ घुमा के हम अपना आप केँ आनबाक कोशिश केने छी  

एहि नेशनल मुजियम मे बहुत देर छलहुँ. खाना मे तरह तरह के शाराब, ब्रेड’क आइटम, माँस’क आइम आ चिकेन टिक्का छल. भारतीय खाना के मसालेदार कहय वाला यूरोपीयन चिकेन टिक्का पर एना टूटल जेना कोनो भारतीय नहि टूटैत छैक. केवल एकटा टिक्का हमरा हिस्सा मे आयल मुदा ओकर छिकार हम लैम्ब-मीट बाल सँ पूरा कऽ लेलहुँ. सन्तोला’क रस सँ अपन पेट भरय पड़ल. याद आबए लागल गाम’क भोज. नाक तक खेबाक १००% गारन्टी. जतय खाना’क मात्रा केँ ओकर स्वाद सँ कोनो सम्बन्ध नहि.

राति के स्थानीय समय के अनुसार ९ बजे अपन रूम मे वापस आबि गेलहुँ. मुदा राति के ९ बजे धरि सूरज भगवान उगल छलाह. ओना तऽ हम सूतले छलहुँ मुदा भोर मे ओएह अमेरिकन प्रोफेसर कहलाह जे भोर मे साढ़े तीन बजे एतय सूरज उगि जाइत छैक.

दोसर दिन:
दोसर दिन सम्मेलन मे हमरा टाक देबाक छल आ सँगहिँ एकटा सेशन के चेयरिँग से करबाक छल. इन्डिया सँ चलय सँ पहिने स्लाइड बनेने नहिँ छलहुँ. तेँ भोरे भोर उठि केँ स्लाइड बना लेलहुँ आ नास्ता करबाक लेल चलि गेलहुँ. इन्डिया सँ गेस्ट हाउस बुक करेबा सँ पहिने मालूम भेल जे रूम’क सँग स्काटिस नास्ता फ्री भेटैत छैक. नाश्ता सचमूच बेजोड़ छल. ब्रेड-रोल, कटलेट, तरल माछ, दलिया, सोयाबीन’क खीचड़ी, टोस्ट, दही, कोक, जूस, चाय काफी आ सेव-सन्तोला. एतय एकटा बात कहबाक बहुत जरूरी छैक जे अन्ग्रेज लोक नाश्ता के खाना सँ बेसी महत्व दैत छैक. आ नाश्ता मात्रा के दृष्टि सँ सेहो लन्च सँ बेसी होइत छैक. एतुका समय के अनुसार भोर मे आठ बजे नाश्ता’क लेल पहुँचलहुँ. एहि समय मे इन्डिया मे एक बजैत छल जे लन्च’क स्माय होइत छैक. जमि के नाश्ता केलहुँ, बेसी ध्यान तरल माछ पर रहय. University playground

ओकर बात डैविडह्यूम टावर पहुँचि अपन कन्फ्रेन्स हाल मे गेलहुँ. डेढ़ बजि धरि सेशन चेयर केला’क बाद अपन प्रेजेन्टेशन देलहुँ ओकर बाद पैदल घूमए निकलि गेलहुँ. स्थानीय लोक’क लेल ई गर्मी के समय अछि. मुदा तापमान एखनो १५ डीग्री सँ बेसी नहि रहैत छैक. बी.बी.सी. पर सुनने छलहुँ जखन ब्रिटेन मे रौद निकलैत छैक ते आफिस सब मे छुट्टी भऽ जाइत छैक. ओएह दृष्य देखबा मे आयल. एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के मैदान मे पहुँचलहुँ. लड़का लड़की सब ग्रुप बनाय खेलैत छल. किओ फ्लाईँग दिस्क, किओ फुटबाल आ किओ टेनिसबाल क्रिकेट. मोन भेल जे क्रिकेट खेलाबी. मुदा फोटो खीचबा मे व्यस्त भऽ गेलहुँ. एकटा टोली मिलि के ड्रम बजबैत छल. ओहि मे एकटा नीग्रो’क उत्साह देखय वाला छल. ओकर दूर मे एकटा पैघ वैन ठाढ़ छल. ओहि पर लिखल छल “एडिन्बर्ग ड्रमर्स एशोसिएशन”. अन्ग्रेजी मे लिखल छल हकर मतलब छल…”हमर सँग आउ, ड्रम बजाबू, टेन्शन दूर करू”. कनि देर’क लेल सोच मे पड़ि गेलहुँ भारत मे एहेन तरह’क ग्रूप होयत ते की नाम होयत. “हमरा लग आऊ, कबड्डी खेलु आ टेन्शन दूर करू.”
ओकर बाद मे किछु आओर आगू बढलहुँ. एकटा प्राइवेट पार्क छल. ओहि बहुत प्रेमी जोड़ा आ एकटा पती-पत्नी देखलहुँ. पति पत्नी अपन जुड़वा बेटा केँ पार्क मे घुमा रहल छलाह. दुनू टा बच्चा बहुत सुन्दर छल. मोन भेल फोटो खीचि लिअ. ओहि आदमी सँ पुछलहुँ, ओ आदमी अपन कनियाँ सँ पुछलाह-”दिस जेन्टलमेन्ट वान्ट टू हैव अ फोटोग्रफ ओफ़ जिम्मी”. हुनकर कनियाँ शीघ्र तैयार भऽ गेलीह. आ फोटो खीचल गेल जे बगल मे अछि. एकटा बात ध्यन देबाक अछि जे दुनू टा बच्चा के डाँड़ मे रस्सी लागल अछि. जेना इन्डिया मे कुत्त सब केँ लागल छैक. हमर बौआ ते घर सँ निकलला’क बाद कखनो कोरा सँ नहि उतरैत छथि. आ यदि उतरैत छथि ते एना भागम दौर करैत छथि जे हुनका उतरय नहि दैत छियन्हि. तेँ की एत्तेक बदमाशी केलाक बादो हम हुनका कुकुर जेकाँ डाँड़ मे डोरी बान्हि घुमेबन्हि. कथमपि नहिँ.

रास्ता मे एकटा चीज आओर बेजोड़ भेटल. एता ठेला पर शराब बिकैत छलैक. लोक सबसँ सुनलहुँ जे स्काट्लैन्ड निवासी दुनियाँ मे शराब पसन्द करय वाला कम्यूनिटी मे दोसर स्थान पाबैत छैक. ठेला पर शराब आ बीयर के दूकान एकर सद्यः उदाहरण छल.
ओकर बाद एडिनबर्ग शहर के छोट छोट गली मे भटकैत छलहुँ. छोट छोट दोकान सब मे पर्यटक’क लेल स्काट्लैण्ड’क पारम्परिक परिधान ४०० पाउण्ड मे भेटैत छल. ओएह परिधान जकरा पहैरि काल्हि राष्ट्रीय सँग्राहालय मे ओ कलाकार हमरा लोकनिक स्वागत केने छलाह. छोट छोट कनियाँ-पूतरा से बिकैत छल ओएह परिधान मे. दिन भरि थकला के बाद गेस्टहाउस आबि सूति गेलहुँ. भारत आ स्काट्लैन्ड मे बहुत समानता देखय मे आयल. ओहि मे सँ निम्न समानता बहुत महत्वपूर्ण अछि.
१. अमेरिका सँ भिन्न भारत आ स्काट्लैन्ड दुनू जगह मे लोक सब सड़क पर पैदल चलैत छथि.
२. सड़क कम चाकर आ भीड़ भाड वाला होइत छैक.
३. सड़क के किनारा पर ठेला पर समान बिकैत छैक
४. अतिथि देवो भव दुनू जगह मानल जाइत छैक.
५. खेबा पीबा मे दुनू जगह के लोक शौकीन होइत छैक.
६. चिकेन टिक्का दुनू जगह पसन्द कायल जाइत छैक.
मुदा दालि भात तरकारी’क अनुपस्थिति यात्री जी कविता याद दिआ दैत छल;

अहिबात’क पातील फोडि़ फाड़ि
हम जा रहल छी आन ठाम
माँ मिथिले अन्तिम प्रणाम.