प्रयोजन

ghu.jpgएहि ब्लोग’क मुख्य उद्देश्य मैथिली भाषा’क इन्टरनेट पर प्रचार प्रसार  करनाई अछि. मैथिली भाषा मे वेबसाईट एक कठिन वस्तु भ’ सकैत छैक. मुदा मैथिली मे ब्लोग लिखनाई कोनो कठिन बात नहि. ई ओतबे आसान अछि जतेक आसान आई-काल्हि ई-मेल लिखनाई होइत अछि. आ   एहि मे सबसँ पहिल समस्या आबैत छैक जे देवनागरी मे कोना लिखल जाए. देवनागरी लिपि मे ब्लोग कोना लिखि तकर जानकारी एहि लिन्क मे देल गेल अछि.

समय बदलि रहल अछि. पिछला दस साल मे मिथिला मे जे परिवर्तन भेल अछि ओतेक परिवर्तन ओहि सँ पचास साल पहिने नहि भेल छल. बहुत जीज के परिभाषा बदलि गेल अछि, उदाहरण’क तौर पर दरमाहा, नौकरी, कम्यूनिकेशन, इत्यादि-इत्यादि. एकर सबसँ बेसी प्रभाव पड़ल अछि मैथिल आ मैथिल’क बीच’क सम्बन्ध पर. परिवारक आ कुटुम्ब’क परिभाषा बदलि गेल अछि.  आब बेसी लोक मिथिला सँ बाहर रहैत छथि. आई सँ पचीस साल पहिने मैथिली भाषा मे जतेक साहित्य सृजन होयत छल आब नहि भ’ रहल अछि. स्कूल कालेज मे मैथिली केओ पढ़य नहि चाहैत छथि. जे लेखक कवि छलाह आब बुढ भ’ परलोक जा रहल छथि. तेँ की, बदलैत समय आ परिस्थिति मे अपना लोकनि मैथिली भाषा लेल किछु क’ सकैत छी? वा एहि भाषा केँ छोड़ि दी अपन स्थिति पर. छोड़ि देला पर एकर स्थिति ओएह भ’ जायत जेना आई पाली-प्राकृत के अछि. अपना लोकनिक सँ आगू वाला पीढी एहि भाषा’क केवल नामे टा जानत. 

यदि अपने केँ हमर प्रयास नीक लागल त’ टिप्पणी द्वारा सूचित करु.
अपनेक टिपण्णी हमरा प्रोत्साहन देत.

मुदा दोसर तरफ सँ सोचू ते बदलति समय मे किछु नीक परिवर्तन सेहो देखा रहल अछि. आई अपना लोकनि केँ बेसी साधन अछि. आई बिजली अछि, इन्टरनेट अछि, इत्यादि. तेँ की एहि साधनक उपयोग अपना सब मिलि मैथिली भाषा केँ आगु बढेबाक लेल क’ सकैत छी. हमर उत्तर अछि, हँ, बिल्कुल, किएक नहि. बल्कि एहि साधन सँ आब साहित्य सृजन आसान भ’ गेल अछि. आई सँ दस साल पहिने केओ यदि कोनो कविता कहानी लिख’ चहैत छलाह तेँ हुनका अपन लेख लिखबा’क अलाबे प्रखाशक इत्यादि’क चिन्ता छलन्हि. आब से बात नहि. कोनो कविता कहानी दिमाग मे आबय कम्प्यूटर मे टाइप क’ ब्लोग पर द’ दियौक आ अपने लोकनिकेँ पाठक मुफ्त मे भेट जायत. लोकप्रियता सेहो. तेँ अपनेक कृति प्रकाशित करनाय आजुक दिन मे बहुत आसान भ’ गेल अछि. कनिएक प्रयास’क जरूरत अछि,  मैथिली भाषा’क दोसर पारी’क भविष्य बहुत उज्ज्वल अछि. 

एखन तक भेल काज: बात सन २००४ केर थीक. मैथिली भाषा केर इन्टरनेट पर कोनो नामोनिशान नहि छल. हिन्दी भाषा सेहो कनिए दिन पहिने औपचारिक रुप सँ वेब्साईट पर आयल. मुदा ताबत धरि प्रौढ़ भ’ चुकल छल. साढे चारि करोड मैथिली भाषी लोकनिक बीच इन्टरनेट पर सँ मैथिली भाषा’क अनुपस्थिति एक लाख सोफ़्टवेयर इन्डुस्ट्री मे काज कयनिहार मैथिल सोफ़्टवेयर इन्जीनिरक लेल ई बहुत पैघ मुद्दा छल.

खैर सन २००४ मे, हम किछु सङी साथी मिलि मैथिली मे इन्टरनेट पर लिखिनाई शुरु कयलहुँ. आ ओ ब्लोग आब फलित फूलित भ’ रहल अछि. एक आम मैथिल लोकनिक द्वारा मैथिली भाषा’क सेवा इन्टरनेट सँ बढियाँ आओर कतय भ’ सकैत आछि. तेँ एक आम मैथिल द्वारा मैथिली भाषा’क सेवाक लेल एहि वेबसाईट’क शुरुआत भेल अछि.
मैथिली भाषा आब इन्टरनेट पर प्रौढता’क ओर अग्रसर अछि. एकरा आओर प्रौढ़ बनेबा मे अपने सनक इन्टरनेट’क उपयोग करय वाला मैथिल’क योगदानक अपेक्षा अछि. यदि अपने लोकनि कोनो तरह सँ योगदान क’ सहैत छी ते जरूर लिखब.

धन्यवाद

One Comment

  1. 1

    namaskar
    sab maithil bandhu bandhab k hamra taraf s pranam, ham kolkata m ekta sandhya paper m karyrat chhi, apan bhasak site dekh man praphulit bha gel, agar hamra s kichhu madad leba k lel mail karab ya 09903160418 par call kari
    dhanyabad
    prakash jha
    kolkata


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